जोहार हिंदुस्तान| लोहरदगा/नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और विपक्ष को अपराधी छवि में पेश करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाते हुए लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र की बुनियाद मजबूत रखने के बजाय सरकार विपक्षी नेताओं और जनप्रतिनिधियों को बदनाम करने की रणनीति पर काम कर रही है, जो देश के लिए बेहद चिंताजनक संकेत है।
सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है, जहां जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि सरकार से सवाल पूछते हैं और जनता की आवाज उठाते हैं। लेकिन हाल के समय में विपक्ष की आवाज दबाने के लिए विभिन्न तरीके अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को एजेंसियों के जरिए घेरना, संसद में निलंबन करना और राजनीतिक रूप से बदनाम करना एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है।
महिला सांसदों को लेकर हाल में उठे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए सुखदेव भगत ने कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाना न सिर्फ उनका अपमान है बल्कि यह देश की महिलाओं के सम्मान के खिलाफ भी है। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं जनता के विश्वास से चुनकर संसद पहुंची हैं, उनके खिलाफ इस तरह का माहौल बनाना लोकतंत्र और संविधान दोनों के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि अगर संसद जैसे सुरक्षित और संवैधानिक मंच पर भी जनप्रतिनिधियों को लेकर इस तरह की बातें सामने आती हैं तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने वाला कदम है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब संसद के भीतर भी जनप्रतिनिधियों को असुरक्षित महसूस कराया जाएगा।
सुखदेव भगत ने कहा कि भाजपा सरकार आलोचना से घबराकर विपक्ष को डराने और दबाने की राजनीति कर रही है। संसद के भीतर विपक्ष की आवाज को कमजोर करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं, लेकिन विपक्ष लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगा।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र किसी सरकार या पार्टी की जागीर नहीं है। संसद में सवाल पूछना विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है और यह अधिकार कोई सरकार छीन नहीं सकती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और पूरा विपक्ष लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट है और जनता की आवाज बुलंद करता रहेगा।
सांसद सुखदेव भगत ने अंत में कहा कि देश की जनता लोकतंत्र और संविधान की ताकत को समझती है और आने वाले समय में जनता ही तय करेगी कि देश किस दिशा में जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।