जोहार हिंदुस्तान | लोहरदगा/झारखंड: झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड स्थित टोरी जंक्शन रेलवे क्रॉसिंग लंबे समय से लोगों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। टोरी फ्लाईओवर (रेलवे ओवरब्रिज – ROB) निर्माण को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है, जब रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संबंधित निदेशालय को विस्तृत जांच और आगे की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत द्वारा लिखे गए पत्र के जवाब में दिया गया है।

टोरी जंक्शन पर ROB निर्माण की परियोजना NH-99 (अब नया NH-22) पर LC No. 12A/T के पास प्रस्तावित है। यह परियोजना कई वर्षों से लंबित है और स्थानीय लोग लगातार इसके निर्माण की मांग करते रहे हैं। इस परियोजना का प्रारंभिक अनुमान लगभग 43 करोड़ रुपये था, जो बाद में संशोधित होकर लगभग 119 करोड़ रुपये से अधिक हो गया। लागत बढ़ने और तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण कई बार टेंडर प्रक्रिया प्रभावित हुई।
बताया जाता है कि इस परियोजना के लिए पहले भी टेंडर निकाले गए थे, लेकिन लागत और तकनीकी कारणों से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। इससे यह परियोजना वर्षों से फाइलों में अटकी हुई है।

टोरी रेलवे क्रॉसिंग झारखंड के कई जिलों को जोड़ने वाला अहम मार्ग है। इस मार्ग से रांची, चतरा, हजारीबाग, लोहरदगा, गुमला, लातेहार, पलामू, गढ़वा सहित आसपास के कई जिलों के लोग गुजरते हैं। रेलवे फाटक बंद रहने के कारण यहां अक्सर लंबा जाम लग जाता है, जिससे हजारों लोग रोज प्रभावित होते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जाम की वजह से कई बार मरीज अस्पताल समय पर नहीं पहुंच पाते। एम्बुलेंस तक घंटों फंस जाती हैं। यह भी आरोप लगाया जाता रहा है कि कई गंभीर मरीजों की हालत जाम में बिगड़ने से मौत तक हो चुकी है, हालांकि ऐसे मामलों का आधिकारिक डेटा सीमित रूप से उपलब्ध है।

टोरी फ्लाईओवर परियोजना को लेकर 2021 में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री और राज्य सरकार के स्तर पर शिलान्यास प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका। यह देरी स्थानीय लोगों में नाराजगी का कारण बनी हुई है।
स्थानीय सामाजिक संगठनों और किसान समूहों द्वारा भी वर्षों से आंदोलन किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह सिर्फ विकास परियोजना नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा मुद्दा है।
रेलवे और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे रेलवे क्रॉसिंग जहां हाईवे और रेलवे लाइन एक साथ हों, वहां ROB या अंडरपास निर्माण बेहद जरूरी होता है, ताकि सड़क और रेल ट्रैफिक अलग-अलग संचालित हो सके और दुर्घटना व जाम की समस्या खत्म हो।
अब रेलवे मंत्रालय के स्तर से जांच और प्रक्रिया तेज करने के निर्देश के बाद एक बार फिर उम्मीद जगी है कि वर्षों से लंबित टोरी फ्लाईओवर परियोजना जमीन पर उतर सकती है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि वे अब घोषणा नहीं, बल्कि काम शुरू होते देखना चाहते हैं।
टोरी जंक्शन का मुद्दा केवल एक फ्लाईओवर का नहीं, बल्कि क्षेत्र के लाखों लोगों के दैनिक जीवन, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इस परियोजना की देरी विकास और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर भी सवाल खड़े करती है।