जोहार हिंदुस्तान | लोहरदगा/झारखंड: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) के मार्गदर्शन में पालाश बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम के तहत डीआईईटी चिरी, लोहरदगा में आयोजित दो दिवसीय स्कूल म्यूज़ियम एवं स्टोरीटेलिंग फेस्टिवल कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्घाटन जिला शिक्षा पदाधिकारी सुनंदा दास एवं अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुश्री मोनीदीपा बनर्जी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

उद्घाटन अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी सुनंदा दास ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) एवं एनसीएफ-एफएस (NCF-FS) के अनुरूप बहुभाषी शिक्षा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों की मातृभाषा एवं स्थानीय भाषाओं के माध्यम से शिक्षा देने से उनकी बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने विद्यालयों में स्कूल म्यूज़ियम की स्थापना को समुदाय और विद्यालय के बीच सेतु के रूप में बताते हुए कहा कि इससे बच्चों में अपनी संस्कृति, परंपरा और विरासत के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है तथा सीखने की प्रक्रिया अधिक रोचक और प्रभावी बनती है।
कार्यशाला में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए बीआरपी, सीआरपी एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को विद्यालय स्तर पर स्टोरीटेलिंग फेस्टिवल आयोजित करने की प्रक्रिया, उद्देश्य और उसके शैक्षणिक लाभों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि स्थानीय भाषा, संस्कृति और समुदाय आधारित संसाधनों का उपयोग कर किस प्रकार संदर्भित स्कूल म्यूज़ियम का निर्माण किया जा सकता है, ताकि बच्चों को अपने परिवेश से जुड़ा हुआ सीखने का अवसर मिल सके।

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि कहानी कहने की पद्धति बच्चों के भाषा विकास, कल्पनाशक्ति और अभिव्यक्ति क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके साथ ही यह पद्धति बच्चों की बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता को सुदृढ़ करने में भी सहायक सिद्ध होती है। वहीं स्कूल म्यूज़ियम बच्चों के लिए अपनी संस्कृति और इतिहास को जानने-समझने का एक प्रभावी शिक्षण माध्यम बन सकता है।
कार्यक्रम पूरी तरह से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं एनसीएफ-एफएस के अनुरूप बहुभाषी शिक्षा के उद्देश्यों पर केंद्रित रहा। इस अवसर पर JEPC की राज्य स्तरीय एमएलई टीम की उपस्थिति भी रही। कार्यशाला का संचालन Language and Learning Foundation (LLF), छत्तीसगढ़ से आए वरिष्ठ एमएलई विशेषज्ञ संजय गुलाटी द्वारा किया गया, जिन्होंने बहुभाषी शिक्षा के व्यावहारिक पहलुओं पर प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।

बताया गया कि लोहरदगा जिले में पालाश बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए Language and Learning Foundation तथा हिंडाल्को द्वारा जिला शिक्षा विभाग को तकनीकी एवं ज्ञान आधारित सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
कार्यशाला के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने विद्यालयों में स्टोरीटेलिंग फेस्टिवल आयोजित करने एवं स्कूल म्यूज़ियम की स्थापना हेतु कार्ययोजना तैयार करने का संकल्प लिया। प्रतिभागियों का मानना है कि इस पहल से बच्चों के सीखने के स्तर में गुणात्मक सुधार आएगा और विद्यालयी शिक्षा अधिक प्रभावी, समावेशी और आनंददायक बन सकेगी।