जोहार हिंदुस्तान | डेस्क: उत्तर प्रदेश के संभल जिले से जुड़ी हिंसा के मामले में बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। संभल हिंसा के दौरान यामीन को गोली लगने के मामले में अदालत ने तत्कालीन पूर्व डीएसपी अनुज चौधरी, इंस्पेक्टर अनुज तोमर सहित कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट के इस आदेश के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है।
यह मामला संभल में हुई हिंसा के दौरान पुलिस कार्रवाई से जुड़ा है, जहां आरोप है कि पुलिस की फायरिंग में यामीन गोली लगने से घायल हुआ था। पीड़ित पक्ष द्वारा इस मामले को लेकर न्यायालय में याचिका दाखिल की गई थी, जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने संबंधित पुलिस अधिकारियों और कर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया।
हालांकि, संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण बिश्नोई ने कोर्ट के आदेश पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि इस हिंसा की पहले ही न्यायिक जांच (ज्यूडिशियल इंक्वायरी) हो चुकी है। उन्होंने बताया कि न्यायिक जांच में पुलिस की कार्रवाई को सही पाया गया था और पुलिस ने कानून के दायरे में रहकर काम किया था। इसी आधार पर पुलिस विभाग का मानना है कि इस मामले में नया मुकदमा दर्ज करने का कोई औचित्य नहीं है।
एसपी कृष्ण बिश्नोई ने स्पष्ट किया कि पुलिस कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेगी। उन्होंने कहा कि विभाग अपने पक्ष को मजबूती से रखेगा और न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले को लेकर एक बार फिर संभल हिंसा की जांच और पुलिस की भूमिका पर बहस तेज हो गई है। अब सबकी निगाहें उच्च अदालत के फैसले पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि कोर्ट के आदेश पर आगे क्या कानूनी दिशा तय होती है।
