जोहार हिंदुस्तान | पटना/बिहार: सट्टेबाजी एप के प्रचार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अभिनेत्री नेहा शर्मा की करीब 1.26 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त कर ली है। यह कार्रवाई आर्थिक अपराधों से जुड़े एक व्यापक जांच अभियान के तहत की गई है, जिसमें अवैध सट्टेबाजी एप के जरिए काले धन के लेन-देन का आरोप है।
ED की जांच में सामने आया है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी एप के प्रचार-प्रसार के जरिए भारी मात्रा में अवैध कमाई की गई, जिसे बाद में विभिन्न माध्यमों से वैध दिखाने की कोशिश की गई। इसी कड़ी में नेहा शर्मा से जुड़ी संपत्तियों को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत जब्त किया गया है।
सट्टेबाजी एप प्रमोशन पर शिकंजा
ED लंबे समय से देशभर में चल रहे अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क और उनसे जुड़े प्रमोशनल चेहरों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि सेलिब्रिटी प्रमोशन के जरिए सट्टेबाजी एप को आम लोगों तक पहुंचाया गया, जिससे बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़े और अवैध लेन-देन में फंसे।
ED यह भी जांच कर रही है कि प्रमोशन के बदले मिली रकम का स्रोत क्या था, उसे किन खातों में ट्रांसफर किया गया और उसका उपयोग कहां-कहां किया गया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि से भी जुड़ा मामला
इस मामले ने इसलिए भी राजनीतिक रंग पकड़ लिया है, क्योंकि अभिनेत्री नेहा शर्मा के पिता अजीत शर्मा बिहार की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। अजीत शर्मा ने कांग्रेस पार्टी के टिकट पर बिहार विधानसभा चुनाव भी लड़ा था, हालांकि उन्हें उस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।
राजनीतिक संबंध सामने आने के बाद इस पूरे मामले को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। हालांकि, जांच एजेंसियों की ओर से स्पष्ट किया गया है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और इसमें किसी प्रकार का राजनीतिक पक्षपात नहीं है।
ED की जांच जारी
ED अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई शुरुआती कदम है और मामले में आगे और भी संपत्तियों की जांच की जा सकती है। एजेंसी सट्टेबाजी एप से जुड़े पूरे नेटवर्क, उनके प्रमोटर्स, फाइनेंशियल लेन-देन और मनी ट्रेल की गहन जांच कर रही है।
फिलहाल, नेहा शर्मा या उनके परिवार की ओर से इस कार्रवाई पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, जांच एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।
सट्टेबाजी पर सख्ती का संदेश
इस कार्रवाई को अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और उससे जुड़े प्रचार तंत्र के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। लगातार बढ़ते ऑनलाइन सट्टेबाजी मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार और जांच एजेंसियां इस पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
