जोहार हिंदुस्तान | चंदवा/लातेहार: लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड के कमता पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने जोब्या, दामोदर, अंम्बादोहर, हिसरी और पाहन टोला गांवों का दौरा कर नल-जल योजना की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। दौरे के दौरान उन्होंने पाया कि कई गांवों में पानी की समस्या बेहद गंभीर है और ग्रामीण महीनों से परेशान हैं।
कई गांवों में नल-जल योजना दो–तीन महीने से ठप
पंसस अयुब खान ने बताया कि जोब्या गांव में अखरा के पास, बिजेंद्र उरांव के घर के सामने और राजू उरांव के पास, वहीं हिसरी–टोंगरी टोला में जोखन उरांव और समीर उरांव के घर के पास लगे नल-जल योजना के सभी नल काफी समय से बंद पड़े हैं।
मिस्त्री द्वारा जांच में सामने आया कि अधिकांश जगहों पर मोटर खराब है, जिसे ठीक कराने के लिए ठेकेदार कोई गंभीर पहल नहीं कर रहा है।
इसके अलावा, जोब्या की शांति देवी और हिसरी के कई परिवारों ने बताया कि गांव का हैंडपंप भी महीनों से खराब है, जिससे पीने के पानी की समस्या और बढ़ गई है।
ग्रामीणों की हालत गंभीर, सुबह से कतार में खड़े होने की मजबूरी
दामोदर गांव—जिसकी आबादी एक हजार से अधिक है—में ज्यादातर परिवार निजी बोरिंग की सुविधा न होने के कारण पूरी तरह नल-जल योजना पर निर्भर हैं।
नल-जल ठप होने से ग्रामीण सुबह-सुबह खाली बर्तन लेकर कुएं और दूसरे घरों के हैंडपंप पर कतार लगा रहे हैं।
मेंटेनेंस की जिम्मेदारी ठेकेदार की, लेकिन अनदेखी जारी
ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से शुरू की गई नल-जल योजना का पांच वर्ष तक रखरखाव (मेंटेनेंस) ठेकेदार के जिम्मे है, लेकिन मौके पर पूर्ण लापरवाही दिख रही है।
योजना बंद होने से पूरे टोले में पीने के पानी के लिए संकट बना हुआ है।
जिला प्रशासन और पीएचईडी से त्वरित कार्रवाई की मांग
अयुब खान ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर समस्या को लेकर जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों को लिखित शिकायत दी है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है।
उन्होंने प्रशासन से बंद पड़े सभी नल-जल योजनाओं को तुरंत चालू कराने की मांग की है ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
