जोहार हिंदुस्तान | नई दिल्ली : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का मतदान गुरुवार को शांतिपूर्ण और उत्सवपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। निर्वाचन आयोग (ECI) के अनुसार, इस चरण में 64.66% मतदान दर्ज किया गया, जो अब तक के बिहार चुनावों में सबसे अधिक है।
18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग
पहले चरण में बिहार के 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ। इस दौरान 3.75 करोड़ से अधिक मतदाता वोट देने के पात्र थे।
सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग शाम तक बिना किसी बड़े व्यवधान के संपन्न हुई।
100% पोलिंग स्टेशनों पर लाइव वेबकास्टिंग
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने पूरी प्रक्रिया की लाइव वेबकास्टिंग से निगरानी की।
यह पहली बार था जब बिहार के सभी मतदान केंद्रों पर 100% लाइव वेबकास्टिंग की गई।
अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने की सराहना
अंतरराष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षक कार्यक्रम (IEVP) के तहत 6 देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, थाईलैंड, फिलीपींस, बेल्जियम और कोलंबिया) से आए 16 प्रतिनिधियों ने बिहार चुनाव की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने इसे “विश्वस्तरीय, पारदर्शी और भागीदारीपूर्ण चुनाव” बताया।
45 हजार से अधिक मतदान केंद्रों पर सुचारु प्रक्रिया
4 लाख से अधिक मतदानकर्मी बुधवार रात 11:20 बजे तक अपने केंद्रों पर पहुँच गए थे।
1,314 प्रत्याशियों की ओर से 67,902 पोलिंग एजेंट की नियुक्ति हुई।
मतदान 45,341 केंद्रों पर एक साथ और शांतिपूर्ण ढंग से हुआ।
महिलाओं की बड़ी भूमिका
90,000 से अधिक जीविका दीदियों/महिला स्वयंसेविकाओं को महिला मतदाताओं की मदद के लिए तैनात किया गया।
विशेष रूप से पर्दानशीन महिलाओं की पहचान और सहयोग के लिए हर केंद्र पर महिला कर्मियों की उपस्थिति रही।
मतदान को और आसान बनाने की नई पहलें
निर्वाचन आयोग ने इस बार कई नई वोटर-फ्रेंडली सुविधाएँ शुरू कीं, जिनसे मतदाताओं ने काफी संतोष जताया ।
EVM बैलेट पेपर पर प्रत्याशियों के रंगीन फोटो पहली बार जोड़े गए, जिससे पहचान आसान हुई।
मोबाइल डिपॉजिट सुविधा की शुरुआत हुई, ताकि मतदाताओं को अपना सामान रखने में दिक्कत न हो।
नया डिज़ाइन किया गया वोटर इन्फॉर्मेशन स्लिप (VIS), जिसे पढ़ना आसान है।
प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1,200 मतदाताओं की सीमा रखी गई, ताकि भीड़ कम हो।
दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था
सभी मतदान केंद्रों पर व्हीलचेयर और स्वयंसेवकों की टीम मौजूद रही ताकि दिव्यांग (PwD) मतदाताओं को सुविधा मिल सके।
साथ ही E-Rickshaw सुविधा भी उपलब्ध कराई गई जिससे दिव्यांग मतदाता आसानी से मतदान केंद्र तक पहुँच सकें।
अब तक का सर्वाधिक मतदान प्रतिशत
बिहार विधानसभा चुनाव में अब तक का सर्वाधिक मतदान वर्ष 2000 में 62.57% दर्ज हुआ था, जबकि इस बार का 64.66% मतदान उस रिकॉर्ड को पार कर गया है।
वर्ष बिहार विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत (%)
1951-52 42.6 (सबसे कम)
1990 62.04
2000 62.57 (अब तक का उच्चतम)
2015 56.91
2020 57.29
2025 64.66 (रिकॉर्ड उच्चतम)
पारदर्शिता और रियल टाइम अपडेट
सभी Presiding Officers ने मतदान समाप्ति के तुरंत बाद आंकड़े ECI पोर्टल पर अपलोड किए, जिससे रियल टाइम डेटा अपडेट में कोई देरी नहीं हुई।
जिलेवार और विधानसभा क्षेत्रवार मतदान प्रतिशत की विस्तृत जानकारी ECINet ऐप पर उपलब्ध है।
निर्वाचन आयोग का संदेश
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा “बिहार ने एक बार फिर लोकतंत्र के प्रति अपनी गहरी निष्ठा दिखाई है। इतने शांतिपूर्ण और रिकॉर्ड मतदान के लिए हम सभी मतदाताओं और चुनावकर्मियों को धन्यवाद देते हैं।”
