जोहार हिंदुस्तान | लोहरदगा: जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और आम जनता को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर उपायुक्त डॉ ताराचंद ने समाहरणालय सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की अहम बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में चिकित्सकों की उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्थिति में मरीजों को डॉक्टर की अनुपस्थिति में लौटना नहीं चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टर अवैध चिकित्सीय कार्य कर रहे हैं, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। इससे ग्रामीणों को ठगी एवं गलत इलाज से बचाया जा सकेगा।
आय सृजन और योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने का निर्देश
उपायुक्त डॉ ताराचंद ने निर्देश दिया कि आईपीडी के माध्यम से मरीजों की जांच और इलाज कर स्वास्थ्य संस्थान की राजस्व आय में वृद्धि की जाए।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना का अधिक से अधिक लाभ मरीजों तक पहुँचाया जाए। स्वास्थ्य जागरूकता के लिए नियमित कैंप आयोजित किए जाएं। आयरन फोलिक एसिड टैबलेट एवं सिरप का समय पर वितरण सुनिश्चित हो।
प्रत्येक माह अनिवार्य बैठक
उपायुक्त ने कहा कि प्रखंड स्तर पर प्रत्येक माह स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की जाए, जिसमें संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति दर्ज हो।
इस बैठक का उद्देश्य
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा करना, योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट तैयार करना, स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान ढूंढना होगा। समय रहते करें संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान
उपायुक्त ने सभी प्रभारी चिकित्सकों को निर्देश दिया कि वे उन पंचायतों को चिह्नित करें जहाँ शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर अधिक है, कुपोषण और एनीमिया के मामले बढ़े हुए हैं, प्रसव पूर्व जांच (ANC) समय पर नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत की जाएं और विशेष निगरानी रखी जाए।
बैठक में मौजूद अधिकारी
बैठक में आईटीडीए परियोजना निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग, सिविल सर्जन डॉ राजू कच्छप, जिला शिक्षा अधीक्षक अभिजीत कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
