जोहार हिंदुस्तान | पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए नामांकन दाखिल करने का आज अंतिम दिन था। जैसे-जैसे नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई, वैसे-वैसे बिहार की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। महागठबंधन (RJD, कांग्रेस, CPI, VIP आदि) की एकजुटता पर सवाल खड़े होने लगे हैं, क्योंकि कई सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ अपने ही गठबंधन के उम्मीदवार मैदान में उतर आए हैं।
यह स्थिति महागठबंधन के भीतर टकराव, असंतोष और सीट बंटवारे में असहमति को उजागर कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर हालात नहीं संभले, तो इसका सीधा फायदा NDA और AIMIM जैसे अन्य दलों को मिल सकता है।
महागठबंधन की अंदरूनी जंग – सीटवार मुकाबले
क्रमांक विधानसभा सीट एक उम्मीदवार पार्टी दूसरे उम्मीदवार पार्टी
1 करगहर महेंद्र गुप्ता CPI संतोष मिश्रा कांग्रेस
2 सुगौली शशिभूषण सिंह RJD मनोज सहनी VIP
3 बिहारशरीफ शिव प्रकाश यादव CPI ओमैर खान कांग्रेस
4 राजापाकर मोहित पासवान CPI प्रतिमा दास कांग्रेस
5 बछवाड़ा अवधेश राय CPI गरीब दास कांग्रेस
6 गौरा बौराम अफजल अली RJD संतोष सहनी VIP
7 लालगंज शिवानी शुक्ला RJD आदित्य राजा कांग्रेस
8 कहलगांव रजनीश यादव RJD प्रवीण कुशवाहा कांग्रेस
9 सिकंदरा उदय नारायण चौधरी RJD विनोद चौधरी कांग्रेस
10 वारिसलीगंज अनिता देवी RJD मंटन सिंह कांग्रेस
11 वैशाली अजय कुशवाहा RJD संजीव कुमार कांग्रेस
12 चैनपुर बालगोविंद बिंद VIP बृज किशोर बिंदु RJD
13 झंझारपुर राम नारायण यादव CPI (VIP उम्मीदवार घोषित) VIP
महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत
गठबंधन की एकजुटता पर सवाल – टिकट बंटवारे में सहमति नहीं बन पाई।
गठबंधन के भीतर शक्ति परीक्षण – कौन दल अधिक प्रभावशाली, इसका संदेश चुनाव से पहले ही जनता तक पहुंच गया।
वोट बैंक में विभाजन की आशंका – एक ही दल के कार्यकर्ता दो उम्मीदवारों के बीच बंट जाएंगे।
NDA और AIMIM को सीधा लाभ – विपक्ष की कमजोरी उनके लिए मजबूती साबित हो सकती है।
चुनावी समीकरण की नई दिशा
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह चुनाव सिर्फ NDA बनाम महागठबंधन नहीं, बल्कि महागठबंधन बनाम महागठबंधन भी बनता जा रहा है। अगर स्थिति नहीं सुधरी तो इसका असर नतीजों में सीधे दिखाई देगा।
