जोहार हिंदुस्तान | नई दिल्ली : देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आज 41वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। इस अवसर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने दिल्ली स्थित शक्ति स्थल जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने शक्ति स्थल पर इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके योगदान और नेतृत्व को याद किया। इस दौरान कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और देशभर से आए प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
भारत की अस्मिता और आत्मसम्मान सबसे ऊपर — राहुल गांधी
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा भारत की इंदिरा — निडर, दृढ़ और अडिग। आपने सिखाया कि देश की अस्मिता और आत्मसम्मान से बड़ा कुछ नहीं होता।
देश की एकता और अखंडता की प्रतीक थीं इंदिरा गांधी — मल्लिकार्जुन खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा इंदिरा गांधी साहस की प्रतीक थीं। अपने दृढ़ संकल्प, दूरदर्शिता और सशक्त नेतृत्व से उन्होंने भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इंदिरा गांधी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की हत्या उनके अपने अंगरक्षकों ने कर दी थी। इस घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। हत्या के बाद देश में सिख विरोधी दंगे भड़क उठे, जिनमें पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सबसे अधिक प्रभावित हुए।
इंदिरा गांधी के कुछ ऐतिहासिक फैसले जिन्होंने भारत की दिशा बदली
क्रमांक निर्णय / पहल प्रभाव
1. 1971 का बांग्लादेश मुक्ति युद्ध पाकिस्तान के विभाजन के बाद बांग्लादेश का गठन हुआ, भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ी।
2. 1974 में पोखरण परमाणु परीक्षण (स्माइलिंग बुद्धा) भारत ने पहली बार दुनिया को अपने परमाणु सामर्थ्य का प्रदर्शन किया।
3. बैंकों का राष्ट्रीयकरण (1969) गरीबों और किसानों को वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने का बड़ा कदम।
4. हरित क्रांति को बढ़ावा भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर हुआ।
5. आपातकाल (1975-77) लोकतंत्र पर असर डालने वाला विवादास्पद लेकिन ऐतिहासिक राजनीतिक निर्णय।
6. गरीबी हटाओ अभियान देश की सामाजिक-आर्थिक नीतियों में गरीबों को केंद्र में लाने का प्रयास।
7.bब्लू स्टार ऑपरेशन (1984) आतंकवाद से निपटने के लिए साहसिक लेकिन विवादास्पद सैन्य कार्रवाई।
इंदिरा गांधी को आज भी भारत की “Iron Lady” के रूप में याद किया जाता है — एक ऐसी नेता जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी देश को एक नई दिशा दी।
उनकी 41वीं पुण्यतिथि पर पूरा देश उन्हें नमन कर रहा है — एक ऐसी महिला, जिसने भारत की राजनीति, समाज और अंतरराष्ट्रीय पहचान को नई ऊंचाई दी।
